Friday, 14 August 2015

गांवों से निकलती प्रतिभाएं






 
झारखंड के सिमडेगा जिले के सुदूर क्षेत्र के आदिवासी लड़कियों की कविताएं पहली बार प्रभात खबर समाचार पत्र के बाल-प्रभात में छप रही हैं। अब तक रेंगारीह (सिमडेगा) की चार बच्चियों की कविताएं बाल-प्रभात में प्रकाशित हुई हैं। इनमें सपना सोरेंग, सोनिया मिंज, अमला किंडो व करिश्मा बा शामिल हैं। स्कूल में पहली बार आदिवासी बच्चियों ने स्वयं की प्रकाशित कविताएं देखी। यह पूरे स्कूल के लिए प्रेरणा बन रहीं हैं। रेंगारीह में स्कूल की प्रचार्या निर्मला ने इन बच्चियों का उदाहरण देते हुए पूरे स्...कूल के समक्ष इनकी प्रकाशित कविताओं की चर्चा की। स्कूल के दूसरे बच्चों को पढ़ने के लिए बाल-प्रभात उपलब्ध कराने की बात कही । स्कूल के दूसरे बच्चों से अभी से ही अधिक पढ़ने व कुछ न कुछ रचनात्मक लिखने के लिए प्रोत्साहित किया और अपनी प्रतिभा के अनुसार कुछ नया करने की बात कही है।
एक शुभचितंक ने इन बच्चियों के लिए 20 कहानी व कविता की पुस्तकें सहयोग के रूप में दी हैं। इनमें प्रेमचंद की कहानियां, आदिवासी लोक कथाएं, उपन्यासकार रणेंद्र के ग्लोबल गांव के देवता, वंदना टेटे की कविता संग्रह कोनजोगा, प्रणव प्रियदर्शी की नई कविता संग्रह सब तुम्हारा सहित अन्य कई किताबें शामिल हैं। इस तरह कुल 45 किताबें हम बच्चों के लिए उपलब्ध करा सके हैं। इन किताबों को पढ़ने-पढ़ाने व संचालन का जिम्मा हमने बच्चों के हाथों में दिया है। ताकि किसी को किताब लेने में डर या झिझक न हो। इसके सही संचालन के लिए चार चयनित छात्रा को नेतृत्वकर्ता की जिम्मेदारी दी है। दो उनके सहयोगी के रूप में कार्य करेंगी। दो संचालन की मुख्य भूमिका में रहेंगी। इनके उपर स्कूल प्रबंधन को जिम्मेदारी दी है ताकि वे इनका मागदर्शन करे। स्कूल बच्चों में काफी उत्साह है। विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में अन्य बच्चियों की कहानियों के प्रकाशन का कार्य राह पर है।

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