Wednesday, 18 June 2014

आदिवासी गोत्रो का अपमान



आदिवासी गोत्रो का अपमान
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जो दावा करते हैं
झारखंड की जमीन से
जुड़े होने का
बिफर उठते हैं
भितरी-बाहरी के सवाल पर
ताल ठोंक कर कहते हैं
यहां की मिट्टी
संस्कृति से उनका जुड़ाव है,

बेच-बेचकर झारखंडी
जमीन के मुद्दे,
आदिवासियों की जिंदगी
के किस्से, जिन्होंने यहां
रोटी के अलावा भी
बहुत कुछ हासिल किया,

वो समीक्षा करें
जो उड़ाते हैं मखौल
आदिवासी गोत्रो का
किड़ो को हेगड़े,
खाखा को शाखा
कच्छप को कश्यप
लिखकर कहते हैं
भई गलती हो गई,

क्या ऐसे ही भविष्य में
तैयार होगा आदिवासियों का
जातिप्रमाण पत्र ????

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